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✦ अच्युतम् केशवम् — सम्पूर्ण भजन ✦
✦ मुखड़ा — Mukhda ✦
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्
राम नारायणं जानकीवल्लभम्।
कमलानाथं विश्वजनार्दनम्
भक्त-वत्सलं च नारायणम्॥
Achyutam Keśavam Kṛṣṇa-Dāmodaram | Rāma Nārāyaṇaṃ Jānakī-Vallabham
Kamalā-Nāthaṃ Viśva-Janārdanam | Bhakta-Vatsalaṃ ca Nārāyaṇam
हे अच्युत (जो कभी च्युत न हों), केशव (केश-नाशक या सुन्दर केशों वाले), कृष्ण, दामोदर, राम, नारायण, जानकी के प्रियतम, लक्ष्मी के स्वामी, जगत के उद्धारक, भक्त-वत्सल नारायण — आपको नमस्कार।
॥ अन्तरा १ ॥
हरे मुरारे — विष्णु के नाम
हरे मुरारे मधुकैटभारे
गोपाल गोविन्द मुकुन्द शौरे।
विश्वरूप विश्वभावन
विश्वेश्वराय ते नमः॥
Hare Murāre Madhu-Kaiṭabhāre | Gopāla Govinda Mukunda Śaure | Viśvarūpa Viśvabhāvana | Viśveśvarāya Te Namaḥ
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्…
हे हरि! हे मुरारे! मधु और कैटभ के शत्रु! गोपाल, गोविन्द, मुकुन्द, शौरि — हे विश्व-रूप, विश्व-पालक, विश्वेश्वर — आपको नमस्कार।
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॥ अन्तरा २ ॥
पद्मनाभ — सृष्टिकर्ता
पद्मनाभ पद्मलोचन
पद्माक्ष पद्मसम्भव।
नमामि नमामि त्वाम्
परमेश्वर परात्पर॥
Padmanābha Padmalocana | Padmākṣa Padmasambhava | Namāmi Namāmi Tvām | Parameśvara Parātpara
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्…
हे कमल-नाभि, कमल-नेत्र, कमल-नयन, कमल से उत्पन्न — हे परम ईश्वर, परात्पर! मैं आपको बार-बार नमस्कार करता हूँ।
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॥ अन्तरा ३ ॥
मधुसूदन — असुर-नाशक
मधुसूदन मुनिमानस
माधव माधुरी-पूर्ण।
वृन्दावन-वासी विश्वम्भर
भवतापहारी भूपाल॥
Madhusūdana Muni-Mānasa | Mādhava Mādhurī-Pūrṇa | Vṛndāvana-Vāsī Viśvambhara | Bhavatāpahārī Bhūpāla
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्…
हे मधुसूदन! मुनियों के मनोरंजन करने वाले माधव! माधुर्य से पूर्ण, वृन्दावन-वासी, जगत-पालक, संसार की पीड़ा हरने वाले भूपाल — आपको नमस्कार।
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॥ अन्तरा ४ ॥
यशोदानन्दन — गोकुल-लीला
यशोदानन्दन नन्दकिशोर
ब्रजभूषण ब्रजचन्द्र।
राधारमण रासविलासी
यमुनातट-विहारी॥
Yaśodānandana Nanda-Kiśora | Braja-Bhūṣaṇa Braja-Candra | Rādhā-Ramaṇa Rāsa-Vilāsī | Yamunā-Taṭa-Vihārī
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्…
हे यशोदा के नन्दन, नन्द के किशोर, ब्रज के भूषण, ब्रज के चन्द्रमा! राधा के प्रेमी, रास में विहार करने वाले, यमुना-तट के निवासी — आपको नमस्कार।
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॥ अन्तरा ५ ॥
दशावतार — दस रूप
मत्स्य कूर्म वाराह नृसिंह
वामन परशुराम सुविमल।
राम कृष्ण बुद्ध कल्कि
दशावतार नमोऽस्तु ते॥
Matsya Kūrma Vārāha Nṛsiṃha | Vāmana Paraśurāma Suvimala | Rāma Kṛṣṇa Buddha Kalki | Daśāvatāra Namo'stu Te
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्…
मत्स्य, कूर्म, वाराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध और कल्कि — इन दस अवतारों को नमस्कार।
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॥ अन्तरा ६ ॥
गीतोपदेश — ज्ञान का दाता
गीतामृत-वर्षी गुणातीत
अर्जुन-सारथी अनन्त।
भगवद्-गीता-दाता भव-तारक
योगेश्वर योगी योगानन्द॥
Gītāmṛta-Varṣī Guṇātīta | Arjuna-Sārathī Ananta | Bhagavad-Gītā-Dātā Bhava-Tāraka | Yogeśvara Yogī Yogānanda
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्…
गीतामृत बरसाने वाले, गुणों से परे, अर्जुन के सारथी, अनन्त — भगवद्गीता के दाता, संसार-तारक, योगेश्वर, योगी, योगानन्द — आपको नमस्कार।
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॥ अन्तरा ७ ॥
शरणागति — समर्पण
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देव देव॥
Tvameva Mātā ca Pitā Tvameva | Tvameva Bandhuś-ca Sakhā Tvameva | Tvameva Vidyā Draviṇaṃ Tvameva | Tvameva Sarvaṃ Mama Deva Deva
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्…
आप ही मेरी माँ हैं, आप ही पिता। आप ही बन्धु हैं, आप ही सखा। आप ही विद्या हैं, आप ही धन। हे देव! आप ही मेरा सब कुछ हैं।
✦ मुखड़ा — पुनरावृत्ति ✦
अच्युतम् केशवम् कृष्णदामोदरम्
राम नारायणं जानकीवल्लभम्।
कमलानाथं विश्वजनार्दनम्
भक्त-वत्सलं च नारायणम्॥
🌿 अच्युतम् केशवम् — परिचय
अच्युतम् केशवम् भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के अनेक नामों की स्तुति करने वाला एक अत्यन्त लोकप्रिय भजन है। इस भजन में श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों — गोपाल, गोविन्द, माधव, मुरारे — का गुणगान किया गया है।
"अच्युत" का अर्थ है जो कभी च्युत (पतित) न हो — जो सदा स्थिर और अटल हो। यह भजन प्रातःकाल के पाठ में, मन्दिर की आरती में तथा व्रत-उत्सव में गाया जाता है।
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संगीत शैलीभजन शैली में — धीमी लय से आरम्भ होकर भावपूर्ण उत्थान के साथ गाया जाता है।
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शुभ समयप्रातःकाल ब्रह्म-मुहूर्त में, सूर्योदय के समय और एकादशी को इस भजन का पाठ विशेष फलदायी है।
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नाम-महिमा"अच्युत, केशव, दामोदर" — ये नाम भगवान विष्णु के सहस्रनामों में से हैं और इनका जप पापनाशक है।
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भक्ति भावयह भजन शरणागति भक्ति का प्रतीक है — "त्वमेव सर्वं मम देव देव" — आप ही मेरा सब कुछ हैं।