✦ पञ्चाङ्गक पाँच अङ्ग ✦
✦ सम्पूर्ण पञ्चाङ्ग विवरण
| विक्रम संवत् | 2083 (परिधावी) |
| शक संवत् | 1948 |
| हिजरी | 1447 हिजरी |
| मैथिली मास | जेठ (ज्येष्ठ) |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| तिथि | कृष्ण प्रतिपदा (रातिक 1:45 धरि पूर्णिमा) |
| वार | रविवार (आइत) |
| नक्षत्र | अनुराधा (साँझ 4:11 धरि) तत्पश्चात् ज्येष्ठा |
| योग | सिद्ध (शुभ) |
| करण | बव (दुपहर 2:15 धरि), बालव (रात्रि 3:25 धरि) |
| सूर्योदय | प्रातः 5:17 |
| सूर्यास्त | सायं 7:06 |
| चन्द्रोदय | रात्रि 11:42 |
| सूर्य राशि | वृषभ |
| चन्द्र राशि | वृश्चिक |
| ऋतु | ग्रीष्म |
| दिन अवधि | 13 घण्टा 49 मिनट |
| अयन | उत्तरायण |
| राहुकाल | सन्ध्या 5:24 – 7:04 |
| गुलिक काल | प्रातः 6:47 – 8:27 |
| यमगण्ड | दुपहर 11:48 – 1:27 |
| दिशाशूल | पश्चिम (रविवार) |
| आज विशेष | ज्येष्ठ पूर्णिमा (कल्हि तक) · वट सावित्री प्रारम्भ |
जेठ मास (मई-जून 2026) · कृष्ण पक्ष प्रारम्भ
✦ विवाहक शुभ मुहूर्त 2026-2027
देवोत्थान एकादशी (नवम्बर) पश्चात् विवाह लेल शुभ काल प्रारम्भ भऽ जाइछ। देवशयनी (आषाढ़) सँ देवोत्थान धरि विवाह वर्जित।
✦ मुड़न (चूड़ाकर्म) मुहूर्त 2026-2027
शिशुक पहिल बार केश कटाई (मुड़न) लेल विषम वर्ष (1, 3, 5) उत्तम। हस्त, अश्विनी, रोहिणी, पुष्य नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ। भद्रा, अमावस्या टारि के करू।
✦ उपनयन (जनेऊ) संस्कारक मुहूर्त 2026
यज्ञोपवित संस्कारक लेल माघ, फाल्गुन मास सर्वोत्तम। ब्राह्मण लेल 8 वर्ष, क्षत्रिय लेल 11, वैश्य लेल 12 वर्षमे सम्पन्न करू। गुरुवार, सोमवार शुभ।
✦ गृहप्रवेशक शुभ मुहूर्त 2026-2027
नव गृह मे प्रवेश लेल रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र सर्वोत्तम। सिंह, वृषभ, कर्क लग्न शुभ।
✦ द्विरागमन मुहूर्त 2026-2027
विवाहक बाद वधू पहिल बार ससुरारि जाइछ से द्विरागमन। विवाह मुहूर्त के समकक्ष शुभ तिथि-नक्षत्र आवश्यक। रोहिणी, मृगशिरा, रेवती उत्तम।
✦ मैथिली बारह मास ✦
मिथिला पूर्णिमान्त पद्धति (Purnimant System) · चैत सँ शुरुआत
✦ पक्ष आ तिथि
शुक्ल पक्ष (उजरिया पाख)
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · पूर्णिमा
कृष्ण पक्ष (कारी पाख)
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · अमावस्या
✦ सताइस नक्षत्र ✦
चन्द्रमाक २७ नक्षत्र · मैथिली पञ्चाङ्ग आधारित