🌅
सूर्योदय
5:17 प्रातः
🌇
सूर्यास्त
7:06 सायं
मास जेठ (ज्येष्ठ) कृष्ण पक्ष
संवत् विक्रम 2083 परिधावी नाम संवत्
ऋतु ग्रीष्म ऋतु वसन्त ऋतु समाप्त
चन्द्र राशि वृश्चिक Scorpio
सूर्य राशि वृषभ Taurus
अयनकाल उत्तरायण दक्षिणायन प्रारम्भ: आषाढ़ संक्रान्ति
🌙
चन्द्रोदय
रात्रि 11:42
अभिजित
11:48 – 12:40

पञ्चाङ्गक पाँच अङ्ग

1 तिथि कृष्ण प्रतिपदा Krishna Paksha Pratipada भोर: 01:45 धरि पूर्णिमा
2 वार रविवार Sunday · Surya Vaar स्वामी: सूर्य देव
3 नक्षत्र अनुराधा Anuradha · वृश्चिक साँझ 4:11 धरि
4 योग सिद्ध योग Siddha Yoga अत्यन्त शुभ योग
5 करण बव Bava Karana दुपहर 2:15 धरि
🚫 राहुकाल: सन्ध्या 5:24 – 7:04 बजे ∷ एहि काल मे शुभ कार्य वर्जित अछि ∷
अभिजित मुहूर्त 11:48 – 12:40 दिनक सर्वोत्तम मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 3:45 – 4:31 प्रातः पूजा-ध्यान लेल सर्वोत्तम
विजय मुहूर्त दुपहर 2:17 – 3:07 सफलताक लेल शुभ
गुलिक काल प्रातः 6:47 – 8:27 अशुभ काल
यमगण्ड दुपहर 11:48 – 1:27 यात्रा लेल वर्जित
गोधूलि सायं 7:03 – 7:27 विवाह-गृहप्रवेश लेल उत्तम

सम्पूर्ण पञ्चाङ्ग विवरण

विक्रम संवत्2083 (परिधावी)
शक संवत्1948
हिजरी1447 हिजरी
मैथिली मासजेठ (ज्येष्ठ)
पक्षकृष्ण पक्ष
तिथिकृष्ण प्रतिपदा (रातिक 1:45 धरि पूर्णिमा)
वाररविवार (आइत)
नक्षत्रअनुराधा (साँझ 4:11 धरि) तत्पश्चात् ज्येष्ठा
योगसिद्ध (शुभ)
करणबव (दुपहर 2:15 धरि), बालव (रात्रि 3:25 धरि)
सूर्योदयप्रातः 5:17
सूर्यास्तसायं 7:06
चन्द्रोदयरात्रि 11:42
सूर्य राशिवृषभ
चन्द्र राशिवृश्चिक
ऋतुग्रीष्म
दिन अवधि13 घण्टा 49 मिनट
अयनउत्तरायण
राहुकालसन्ध्या 5:24 – 7:04
गुलिक कालप्रातः 6:47 – 8:27
यमगण्डदुपहर 11:48 – 1:27
दिशाशूलपश्चिम (रविवार)
आज विशेषज्येष्ठ पूर्णिमा (कल्हि तक) · वट सावित्री प्रारम्भ

जेठ मास (मई-जून 2026) · कृष्ण पक्ष प्रारम्भ

चैतMar-Apr
बैसाखApr-May
जेठMay-Jun
आषाढ़Jun-Jul
साओनJul-Aug
भादोAug-Sep
आश्विनSep-Oct
कातिकOct-Nov
अगहनNov-Dec
पूसDec-Jan
माघJan-Feb
फागुनFeb-Mar

✦ विवाहक शुभ मुहूर्त 2026-2027

देवोत्थान एकादशी (नवम्बर) पश्चात् विवाह लेल शुभ काल प्रारम्भ भऽ जाइछ। देवशयनी (आषाढ़) सँ देवोत्थान धरि विवाह वर्जित।

5
जून2026
शुक्रवार · ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी
निर्जला एकादशी · मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:30
शुक्र स्वामी · लग्न: मिथुन · परम शुभ
परम शुभ
17
नवम्बर2026
सोमवार · कातिक शुक्ल सप्तमी
देवोत्थान एकादशी के पश्चात् · रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 6:00 – रात्रि 10:30
चन्द्र स्वामी · लग्न: वृषभ · अत्यन्त शुभ
अत्यन्त शुभ
23
नवम्बर2026
रविवार · कातिक शुक्ल त्रयोदशी
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 1:00
सूर्य स्वामी · लग्न: धनु · शुभ
शुभ
3
दिसम्बर2026
गुरुवार · अगहन शुक्ल तृतीया
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 5:00 – रात्रि 11:00
बृहस्पति स्वामी · लग्न: मकर
शुभ
12
फरवरी2027
शुक्रवार · माघ शुक्ल तृतीया
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: दुपहर 12:00 – सायं 5:30
शुक्र स्वामी · लग्न: कन्या · परम शुभ
परम शुभ

✦ मुड़न (चूड़ाकर्म) मुहूर्त 2026-2027

शिशुक पहिल बार केश कटाई (मुड़न) लेल विषम वर्ष (1, 3, 5) उत्तम। हस्त, अश्विनी, रोहिणी, पुष्य नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ। भद्रा, अमावस्या टारि के करू।

4
जून2026
गुरुवार · ज्येष्ठ शुक्ल दशमी
पुनर्वसु नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 6:30 – दुपहर 11:00
बृहस्पति · लग्न: मिथुन
शुभ
9
जुलाई2026
गुरुवार · आषाढ़ शुक्ल षष्ठी
हस्त नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:30
बृहस्पति · हस्त सर्वोत्तम नक्षत्र
उत्तम
15
अक्टूबर2026
गुरुवार · आश्विन शुक्ल एकादशी
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 1:30
बृहस्पति · रोहिणी नक्षत्र
परम शुभ
14
जनवरी2027
गुरुवार · माघ शुक्ल प्रतिपदा (मकर संक्रान्ति)
मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 12:30
संक्रान्ति दिन · विशेष शुभ
अत्युत्तम

✦ उपनयन (जनेऊ) संस्कारक मुहूर्त 2026

यज्ञोपवित संस्कारक लेल माघ, फाल्गुन मास सर्वोत्तम। ब्राह्मण लेल 8 वर्ष, क्षत्रिय लेल 11, वैश्य लेल 12 वर्षमे सम्पन्न करू। गुरुवार, सोमवार शुभ।

29
जनवरी2026
गुरुवार · माघ शुक्ल एकादशी
मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 11:30
बृहस्पति · माघ मास · परम उत्तम
परम शुभ
12
फरवरी2026
गुरुवार · माघ शुक्ल पञ्चमी
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 1:00
बृहस्पति स्वामी · शुभ लग्न
अत्यन्त शुभ
12
मार्च2026
गुरुवार · फाल्गुन शुक्ल द्वादशी
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 12:30
बृहस्पति · रोहिणी
शुभ
23
अप्रैल2026
गुरुवार · वैशाख कृष्ण एकादशी
पुष्य नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:00
पुष्य नक्षत्र · अत्युत्तम
उत्तम
11
जून2026
गुरुवार · ज्येष्ठ शुक्ल सप्तमी
हस्त नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 11:30
बृहस्पति · हस्त
शुभ

✦ गृहप्रवेशक शुभ मुहूर्त 2026-2027

नव गृह मे प्रवेश लेल रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र सर्वोत्तम। सिंह, वृषभ, कर्क लग्न शुभ।

20
जून2026
शनिवार · आषाढ़ शुक्ल षष्ठी
उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 11:30
शुभ
9
अक्टूबर2026
शुक्रवार · आश्विन शुक्ल तृतीया
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 1:30
अत्यन्त शुभ
18
जनवरी2027
सोमवार · माघ शुक्ल पञ्चमी
उत्तराभाद्रपद नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:00 – दुपहर 12:30
शुभ

✦ द्विरागमन मुहूर्त 2026-2027

विवाहक बाद वधू पहिल बार ससुरारि जाइछ से द्विरागमन। विवाह मुहूर्त के समकक्ष शुभ तिथि-नक्षत्र आवश्यक। रोहिणी, मृगशिरा, रेवती उत्तम।

20
नवम्बर2026
शुक्रवार · कातिक शुक्ल दशमी
रोहिणी नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 5:00 – रात्रि 9:30
शुभ
7
दिसम्बर2026
सोमवार · अगहन शुक्ल सप्तमी
मृगशिरा नक्षत्र
मुहूर्त: प्रातः 7:30 – दुपहर 11:30
अत्यन्त शुभ
15
फरवरी2027
सोमवार · माघ शुक्ल षष्ठी
रेवती नक्षत्र
मुहूर्त: सायं 4:00 – रात्रि 8:30
शुभ

✦ मैथिली बारह मास ✦

मिथिला पूर्णिमान्त पद्धति (Purnimant System) · चैत सँ शुरुआत

०१
चैतचैत्र
मार्च – अप्रैल वर्षक प्रथम मास। रामनवमी, होली समाप्ति। वसन्त ऋतु। खेत मे गेहूँ कटाई प्रारम्भ। चैती छठ पाबनि।
०२
बैसाखवैशाख
अप्रैल – मई ग्रीष्म प्रारम्भ। वैशाखी। अक्षय तृतीया। गृहारम्भ, विवाह लेल शुभ मास। बैसाखी फसल।
०३
जेठज्येष्ठ
मई – जून ग्रीष्म ऋतु चरम। वट सावित्री व्रत। गंगा दशहरा। निर्जला एकादशी। आम पकैत अछि।
०४
आषाढ़आषाढ़
जून – जुलाई वर्षा ऋतु प्रारम्भ। देवशयनी एकादशी (विवाह बन्द)। रथयात्रा। धान बुनाई।
०५
साओनश्रावण
जुलाई – अगस्त शिव-भक्तिक पवित्र मास। मधुश्रावणी पाबनि। रक्षाबन्धन। नागपञ्चमी। भारी वर्षा।
०६
भादोभाद्रपद
अगस्त – सितम्बर कृष्ण जन्माष्टमी। चौरचन (गणेश चतुर्थी)। पितृपक्ष प्रारम्भ। भारी वर्षा काल।
०७
आश्विनआश्विन
सितम्बर – अक्टूबर शारदीय नवरात्रि। जितिया व्रत। कोजागरा (लक्ष्मी पूजा)। दशहरा। शरद ऋतु।
०८
कातिककार्तिक
अक्टूबर – नवम्बर छठ पूजा (सर्वोच्च पाबनि)। दीपावली। सामा-चकेवा। देवोत्थान। विवाह काल प्रारम्भ।
०९
अगहनमार्गशीर्ष
नवम्बर – दिसम्बर विवाह पञ्चमी (राम-सीता विवाह)। गीता जयन्ती। धान कटाई। शीतकाल प्रारम्भ।
१०
पूसपौष
दिसम्बर – जनवरी शीतकाल चरम। उत्तरायण सूर्य (मकर संक्रान्ति प्रारम्भ)। तिल-गुड़ भोजन।
11
माघमाघ
जनवरी – फरवरी तिला संक्रान्ति। माघ स्नान (प्रयाग)। उपनयन लेल सर्वोत्तम। बसन्त पञ्चमी।
12
फागुनफाल्गुन
फरवरी – मार्च वर्षक अन्तिम मास। फगुआ (होली)। महाशिवरात्रि। मैथिली फाग गीत। बसन्त उत्सव।

✦ पक्ष आ तिथि

शुक्ल पक्ष (उजरिया पाख)

प्रतिपदा · द्वितीया · तृतीया · चतुर्थी · पञ्चमी
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · पूर्णिमा

कृष्ण पक्ष (कारी पाख)

प्रतिपदा · द्वितीया · तृतीया · चतुर्थी · पञ्चमी
षष्ठी · सप्तमी · अष्टमी · नवमी · दशमी
एकादशी · द्वादशी · त्रयोदशी · चतुर्दशी · अमावस्या

✦ सताइस नक्षत्र ✦

चन्द्रमाक २७ नक्षत्र · मैथिली पञ्चाङ्ग आधारित

अश्विनीस्वामी: केतु
भरणीस्वामी: शुक्र
कृत्तिकास्वामी: सूर्य
रोहिणीस्वामी: चन्द्र
मृगशिरास्वामी: मङ्गल
आर्द्रास्वामी: राहु
पुनर्वसुस्वामी: बृहस्पति
पुष्यस्वामी: शनि
आश्लेषास्वामी: बुध
१०
मघास्वामी: केतु
११
पूर्वाफाल्गुनीस्वामी: शुक्र
१२
उत्तराफाल्गुनीस्वामी: सूर्य
१३
हस्तस्वामी: चन्द्र
१४
चित्रास्वामी: मङ्गल
१५
स्वातिस्वामी: राहु
१६
विशाखास्वामी: बृहस्पति
१७
अनुराधास्वामी: शनि
१८
ज्येष्ठास्वामी: बुध
१९
मूलस्वामी: केतु
२०
पूर्वाषाढ़ास्वामी: शुक्र
२१
उत्तराषाढ़ास्वामी: सूर्य
22
श्रवणस्वामी: चन्द्र
२३
धनिष्ठास्वामी: मङ्गल
२४
शतभिषास्वामी: राहु
२५
पूर्वाभाद्रस्वामी: बृहस्पति
२६
उत्तराभाद्रस्वामी: शनि
२७
रेवतीस्वामी: बुध

✦ सताइस योग

विष्कम्भ प्रीति आयुष्मान् सौभाग्य शोभन अतिगण्ड सुकर्मा धृति शूल गण्ड वृद्धि ध्रुव व्याघात हर्षण वज्र सिद्धि व्यतीपात वरीयान् परिघ शिव सिद्ध साध्य शुभ शुक्ल ब्रह्म इन्द्र वैधृति

✦ एगारह करण

चर करण (७ बार आवैत):

बव बालव कौलव तैतिल गर वणिज विष्टि (भद्रा)

स्थिर करण (१ बार आवैत):

शकुनि चतुष्पाद नाग किंस्तुघ्न