विद्यापति का यह मैथिली गीत पार्वती की दृष्टि से शिव के साथ विवाह की इच्छा को व्यक्त करता है। ई तपसि वर मोर न पसन्द — यह तपस्या का वरदान मेरे लिए पसंद नहीं।
यह गीत विद्यापति की रचनाओं में से एक है जो शिव-पार्वती की लीलाओं को मैथिली भाषा में प्रस्तुत करता है।