विद्यापति का यह मैथिली गीत प्रकृति की सुंदरता और प्रेम की मधुरता को व्यक्त करता है। सावन मास आयल — सावन का महीना आया है।
यह गीत विद्यापति की प्रकृति-प्रेम रचनाओं में से एक है जो मैथिली भाषा की मधुरता को प्रदर्शित करता है।