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✦ विद्यापति विरचितम् ✦

Nandak Nandan Kadambak Taru Tar

नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर
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विद्यापति का यह मैथिली गीत कदम्बक तरु तर... के साथ बृन्दावन की लीलाओं को व्यक्त करता है।

रचयिता : श्री विद्यापति • मैथिली भाषा • बृन्दावन-लीला गीत
नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर
नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर🌳 कदम्बक तरु तर🌳 नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर🌳
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✦ नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर — विद्यापति का मैथिली गीत ✦
॥ पद १ ॥
कदम्बक तरु की छाया
नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर,
कदम्बक तरु तर मोर मोर कतए गेलाह
Nandak Nandan Kadambak Taru Tar, Kadambak Taru Tar Mor Mor Katae Gelah
नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर, कदम्बक तरु तर। मेरा प्रिय कहाँ गया है?
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✦ गीत का आशय ✦
विद्यापति द्वारा रचित यह गीत बृन्दावन की प्राकृतिक सुंदरता और कृष्ण की लीलाओं को दर्शाता है।
Maithili Geet - Vidyapati • Brindavan • Krishna Lila
यह गीत प्रकृति की खूबसूरती और दिव्य प्रेम की गहराई को जोड़ता है, जहाँ बृन्दावन कृष्ण के खेल का स्थान है।

🌳 नन्दनक नन्दन कदम्बक तरु तर — विद्यापति का गीत

यह गीत विद्यापति की रचनाओं में बृन्दावन की लीलाओं को समर्पित है।

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