शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम्। प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये॥
अर्थ: यह गणेश जी का पवित्र मंत्र/स्तोत्र है। नियमित जाप से विघ्न दूर होते हैं और सिद्धि प्राप्त होती है।
ॐ गं गणपतये नमः — भगवान गणेश की कृपा से सभी कार्य सिद्ध हों।