माँ लक्ष्मी की सबसे प्रचलित और पावन आरती — "ॐ जय लक्ष्मी माता" — जो प्रत्येक लक्ष्मी पूजन और दीपावली पर गाई जाती है। इसके गायन से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
"ॐ जय लक्ष्मी माता" माँ महालक्ष्मी की सर्वाधिक लोकप्रिय आरती है। इसकी रचना १९वीं शताब्दी में पण्डित शारदाराम फिल्लौरी ने की थी — वही महान विद्वान जिन्होंने "ॐ जय जगदीश हरे" आरती भी रची। इस आरती में माँ लक्ष्मी को उमा, रमा, ब्रह्माणी, दुर्गा और जगन्माता के रूप में वर्णित किया गया है। इसे सायंकाल दीपक जलाकर गाने से माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
महालक्ष्मी जी की आरती जो कोई जन गाता ।
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता ॥
जो व्यक्ति नित्य श्रद्धापूर्वक यह आरती गाता है, उसके घर में माँ लक्ष्मी का सदैव वास होता है और उसके सभी दुःख दूर होते हैं।