ऋग्वेद के खिलानि से लिया गया सर्वश्रेष्ठ लक्ष्मी स्तुति — माँ लक्ष्मी को आवाहन करने वाला यह प्राचीनतम वैदिक मंत्र धन, समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करता है।
श्री सूक्तम् ऋग्वेद के खिलानि में संग्रहीत माँ लक्ष्मी को समर्पित सर्वप्रथम और सर्वप्रसिद्ध वैदिक स्तुति है। इसे अग्नि देव के माध्यम से माँ लक्ष्मी का आवाहन करने के लिए रचा गया है। प्रत्येक शुक्रवार और दीपावली पर इसका पाठ विशेष फलदायी माना जाता है। इस सूक्त में माँ लक्ष्मी को हिरण्यवर्णा (स्वर्णिम रंग वाली), कमलासना (कमल पर विराजित) और समृद्धि की अधिष्ठात्री के रूप में वर्णित किया गया है।
यः शुचिः प्रयतो भूत्वा जुहुयादाज्यमन्वहम् ।
सूक्तं पञ्चदशर्चं च श्रीकामः सततं जपेत् ॥
जो व्यक्ति पवित्र होकर प्रतिदिन घी से हवन करता है और इस पंद्रह ऋचाओं वाले सूक्त का निरंतर जप करता है, उसकी श्री (लक्ष्मी) की इच्छा पूर्ण होती है।