॥ एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे ॥
एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे -2,
अंगनमा मे, हे भवनमा मे -2,
एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे -2
साँपहि साँप बाम-दहिन छल -2,
चित्र-विचित्र वसनमा मे -2,
एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे -2
नित दिन भीख कवरु सँ लायब -2,
घूरि फिर जाइब अंगनमा मे -2,
एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे -2
भीखो ने लय छै जोगी, घूरियो ने जाइ -2,
गौरा हे निकलु अंगनमा मे -2,
एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे -2
भनहि विद्यापति सुनु हे मनाइनि -2,
शिव सन दानी के भवनमा मे -2,
एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे -2,
अंगनमा मे, हे भवनमा मे -2,
एगो जोगिया ठाढ़ अंगनमा मे -2
॥ विद्यापति रचित शिव-विवाह गीत ॥
कमेंट